यह वह पल था जब एपिसोड का ड्रामा चरम पर पहुँचा। कैमरा आरव के चेहरे पर जूम इन हुआ — पीछे की मेज पर कारीगर माता की तस्वीर झलक रही थी। आरव ने बिना घबराये साफ जवाब दिया: "जोखिमों का समाधान हमने टेक-फर्स्ट अप्रोच से किया है — स्मार्ट वअरहाउसिंग, क्वालिटी-ट्रैकिंग और एक सब्सक्रिप्शन मॉडल जो कस्टमर लॉयल्टी सुनिश्चित करेगा।" मीरा ने अचानक पूछा, "और तुम्हारे लिए यह किसलिए मायने रखता है?" आरव की आवाज़ धीमी हो गयी। उसने बताया कि उसके दादा एक कारीगर थे, जिन्होंने शहर की गली में अपने हाथों की कला से नाम कमाया। पर बाजार बदला और कला पीछे छूटने लगी। आरव ने वचन लिया कि वह किस्मत बदलने आए हैं — न सिर्फ चार्ट्स बल्कि लोगों की ज़िंदगियों में फर्क करके।